पटना में सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म
-सीधे अकाउंट में वेतन व बोनस का मिलेगा लाभ
भारत पोस्ट संवाददाता
पटना। राजधानी पटना में सात दिनों से जारी नगर निकाय सफाई कर्मियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। समझौते के बाद सफाईकर्मी संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने एक.दूसरे को मिठाई खिलाकर समझौते पर खुशी जताई। बैठक में पटना नगर निगम के नगर आयुक्त यशपाल मीणा भी मौजूद रहे।
इस मौके पर पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार नगर निकायों में कार्यरत सफाई कर्मियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दैनिक कर्मियों को अब अवकाश, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्हें स्थायी कर्मचारियों की तरह अन्य सेवा लाभ भी उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में तय हुआ कि आउटसोर्सिंग व ठेका एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मियों का वेतन सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। साथ ही उन्हें पहली बार बोनस का भी लाभ मिलेगा। एजेंसियों को उनका निर्धारित कमीशन दिया जाएगा। इसके अलावा, काम के दौरान वाहन खराब होने की अवधि में चालकों का वेतन काटे जाने की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
सशक्त स्थायी समिति की विशेष बैठक में सफाई कर्मियों की मांगों को मंजूरी देकर विभाग को भेजने की अनुशंसा की गई है। पटना नगर निगम में कार्यरत 3816 दैनिक कर्मियों के स्थायीकरण का प्रस्ताव लागू होने पर हर माह करीब 13.66 करोड़ रुपये वेतन में खर्च होंगे। एक कर्मी का प्रस्तावित मासिक वेतन 35 हजार 800 रुपये निर्धारित किया गया है। वर्तमान में दैनिक पारिश्रमिक पर इन कर्मियों पर 6.04 करोड़ रुपये प्रति माह खर्च हो रहे हैं। ऐसे में स्थायीकरण लागू होने पर नगर निगम पर 7.61 करोड़ रुपये प्रति माह का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। इसका वार्षिक खर्च करीब 163.94 करोड़ रुपये बैठेगा।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि कई मांगों पर सहमति बन गई है, जबकि कुछ अन्य मांगों पर विचार के लिए समिति गठित की जाएगी। तीसरी मांग के संबंध में एसीपी एसएससीपी योजना के लाभ पर विभाग द्वारा लगाई गई रोक को हटाने के लिए पत्राचार करने और रोक हटते ही शेष बचे कर्मचारियों को इसका लाभ देने पर सहमति बनी है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि शहर को गंदगी से बचाने के लिए सफाई कर्मियों का काम पर लौटना बेहद जरूरी था।




