डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण, ग्रामीणों के सहयोग से हुई ऐतिहासिक पहल !
विधायक ने 10 लाख रुपये की लाइब्रेरी स्वीकृति का दिया आश्वासन !
कोटपूतली-बहरोड़-
बानसूर क्षेत्र के भूपसेड़ा गांव में ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से स्थापित की गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत, राष्ट्रीय महामंत्री रविदास विश्व महापीठ रविशेखर मेघवाल, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश मेघवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता सुबेसिंह मोरोडिया ने की।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने फीता काटकर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर रविशेखर मेघवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि 1956 से 1989 तक केंद्र की सरकारों ने बाबा साहब को नजरअंदाज किया लेकिन 1989 में वी.पी. सिंह सरकार ने भाजपा के सहयोग से उन्हें राष्ट्रीय सम्मान दिलाया। कैलाश मेघवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार अनुसूचित जाति वर्ग सहित समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को लाभ पहुंचाने हेतु कृतसंकल्प है। मुख्य अतिथि विधायक देवी सिंह शेखावत ने बाबा साहब की प्रतिमा स्थापना को सर्व समाज की एकता और जागरूकता का प्रतीक बताया। उन्होंने गांव में अंबेडकर सामुदायिक भवन में 10 लाख रुपये की लागत से पुस्तकालय स्थापना का भी आश्वासन दिया, जिसे सुनकर ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं एडवोकेट सुबेसिंह मोरोडिया ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की फोटो और विचार हर घर में पहुंचाने जरूरत है जो राष्ट्र निर्माण में जरूरी है।
स्थानीय सरपंच सुभाष चंद्र यादव ने सभी आगंतुकों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में रैगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.एल. नवल, तहसीलदार जगदीश बैरवा, सरपंच मुकेश जिलोवा, गिरिराज, कबूल चंद, अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष जगदीश मेघवाल, मेघवाल विकास समिति कोटपूतली के अध्यक्ष मदनलाल वर्मा, चेतराम आर्य, हजारीलाल यादव, नरेश यादव, शशि बोहरा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।




