भारत और रूस के बीच कौन सी ऐसी डील हुई जो अमेरिका की बढ़ाएगी टेंशन
हरप्रीत भट्टी नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत की यात्रा पर अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों की नजर बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो जरूर भारत और रूस के बीच हो रही अहम डील को टकटकी लगाकर देख रहे होंगे। जिस तरह से ट्रंप ने 100 प्रतिशत टैरिफ लगाकर भारत को दबाने की कोशिश की वैसे में पुतिन का यह दौरा अमेरिका के लिए टेंशन तो जरूर बन गया होगा। तो ऐसे में सवाल जरूर बनता है कि पुतिन और मोदी के बीच हुई डील को लेकर ट्रंप क्या सोच रहे होंगे? भारत और रूस के बीच कौन सी ऐसी डील हुई जो अमेरिका की बढ़ाएगी टेंशन
बता दें कि भारत और रूस के बीच टोटल 16 डील हुई हैं। इनमें कुछ डील ऐसी हैं जो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन जरूर बढ़ा देगी। तो चलिए जानते हैं भारत और रूस के बीच ऐसी कौन सी डील हुई है जो कि चर्चा में है। इस डील से भारत की निर्भरता अमेरिका पर से कम हो सकती है।
पुतिन का ये दौरा देखकर डोनाल्ड ट्रंप क्या सोच रहे होंगे? टैरिफ, पाकिस्तान से युद्ध पर दावों से कहीं आगे निकला मोदी का भारत
रूसी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा पर अमेरिका की नजर थी, खासकर भारत-रूस के बीच हुई 16 अहम डीलों पर। इन डीलों में तेल आपूर्ति जारी रखने, द्विपक्षीय व्यापार को 9 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने और रूस में 10 लाख भारतीयों को नौकरी देने के समझौते शामिल हैं।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत की यात्रा पर अमेरिका और चीन जैसी महाशक्तियों की नजर बनी हुई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो जरूर भारत और रूस के बीच हो रही अहम डील को टकटकी लगाकर देख रहे होंगे। जिस तरह से ट्रंप ने 100 प्रतिशत टैरिफ लगाकर भारत को दबाने की कोशिश की वैसे में पुतिन का यह दौरा अमेरिका के लिए टेंशन तो जरूर बन गया होगा। तो ऐसे में सवाल जरूर बनता है कि पुतिन और मोदी के बीच हुई डील को लेकर ट्रंप क्या सोच रहे होंगे?
पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप
भारत और रूस के बीच कौन सी ऐसी डील हुई जो अमेरिका की बढ़ाएगी टेंशन
बता दें कि भारत औररूस के बीच टोटल 16 डील हुई हैं। इनमें कुछ डील ऐसी हैं जो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन जरूर बढ़ा देगी। तो चलिए जानते हैं भारत और रूस के बीच ऐसी कौन सी डील हुई है जो कि चर्चा में है। इस डील से भारत की निर्भरता अमेरिका पर से कम हो सकती है।
तेल की सप्लाई जारी रहेगी, द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 9 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की बात
दरअसल, रूसी राष्ट्रपति ने साफ-साफ कहा कि वह बिना किसी रोक-टोक के भारत को तेल सप्लाई देना जारी रखेंगे। इसमें किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होगी।




