क्या बिहार विधानसभा चुनाव के बाद केन्द्र सरकार बिहार में राजद के भ्रष्ट नेताओं को जेल भिजवाएगी ?
बिहार : राज्य में भ्रष्टाचार का मुद्दा
राजीव कुमार झा
बिहार के वर्तमान विधानसभा चुनावों में यहां समाज के प्रभावशाली और स्वतंत्र विचारों वाले राजनीतिक रुझान के लोगों से विभिन्न पार्टियों में अलग-अलग क्षेत्रों से चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया है। सुजीत कुमार ने इंटरव्यू में बताया है कि उनको भी इसी संदर्भ में बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में विचार विमर्श के लिए आमंत्रित किया गया था और उन्होंने वहां शायद कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी।
यह संभव है। कांग्रेस प्रदेश के सभी क्षेत्रों में नये नेताओं की तलाश में है लेकिन पार्टी के द्वारा यह काम सिर्फ चुनाव के समय किया जाना उचित नहीं माना जा सकता है। कांग्रेस को निरंतर अपने संगठन को समाज में उसकी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में संलग्न समर्पित कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करना होगा। बिहार में यह पार्टी अपनी चुनावी गतिविधियों में राजद के दिशा निर्देशों के अनुरूप सक्रिय होती है। बिहार में यह कांग्रेस राजनीति और उसकी गरिमा को धूमिल करता है। हमारे देश में भाजपा और कांग्रेस के मजबूत होने के साथ गठबंधन राजनीति खत्म हो जाएगी। केन्द्र में गठबंधन सरकार के दौरान राजद और द्रविड़ मुन्नेड़ कड़गम के नेता भ्रष्टाचार में संलिप्त हो गये। सबको याद होगा कि उस समय भाजपा सरकार ने करुणानिधि की बेटी कनुमोची को गिरफ्तार करवा कर जेल भेजा था। देश में नरेंद्र मोदी के सत्ता में वापस लौटने के बाद जांच में यह सब पता चला है और राष्ट्रपति ने पूर्व कैबिनेट मंत्री के रूप में राजद नेता लालू प्रसाद पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। बिहार में इन नेताओं की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को केन्द्र सरकार ने जब्त किया है और राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि दिल्ली में मनीष सिसोदिया और केजरीवाल को जिस तरह से भ्रष्टाचार में शामिल होने की वजह से जैसे नरेंद्र मोदी ने उनको जेल भिजवाया और सत्ता से बेदखल किया वैसे ही बिहार की सत्ता में आने अथवा इससे बाहर जाने की दशा में बिहार के राजद नेता तेजस्वी यादव उनकी मां और बहन के अलावा इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को सरकार जेल भिजवाएगी। दिल्ली में भ्रष्टाचार की इन गतिविधियों में तेज प्रताप यादव का नाम यद्यपि शामिल नहीं है। अब कांग्रेस को इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहिए अन्यथा उसकी भी बदनामी होगी क्योंकि भ्रष्ट प्रवृत्ति के दलों से समर्थन लेकर कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह सरकार क्यों चला रहे थे ? बिहार में नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को सदैव अपनी निगरानी में रखा और भ्रष्टाचार से राज्य में सरकारी धन को लूट से बचाया। तेजस्वी यादव अक्सर इस मामले में विजय माल्या की दुहाई देते हैं कि सरकार उनको पहले पकड़े लेकिन माल्या को देश से भागने में किसने मदद की थी। विजय माल्या तत्कालीन कांग्रेस सरकार की मदद से विशेष विमान से देश से भाग निकला था। वह महानगरीय संस्कृति की खूबसूरत लड़कियों का भी शौकीन था और बीबीसी के पत्रकारों के अनुसार माल्या अपने संग कई सुंदर लड़कियों को लेकर भी यहां से रवाना हुआ था। यह सुखद खबर है कि ब्रिटिश सरकार ने भारत सरकार को ब्रिटेन स्थित माल्या की संपत्तियों को जब्त करने का निर्देश दिया है। भ्रष्टाचार एक वैश्विक समस्या है और इसके उन्मूलन में इसी अनुरूप दुनिया के सभी देशों को भागीदारी कायम करनी चाहिए। बड़हिया के सुजीत कुमार के कांग्रेस में शामिल होने से यहां भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज होगी। बड़हिया नगर परिषद के ठेकों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर यहां लोगों ने धरने दिये हैं और आंदोलन किया है।



