मॉनसून के जल्द आने की संभावना
-बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों में छाए हैं घने बादल
-कृषि उत्पादन पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
भारत पोस्ट न्यूज़ नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण दुनिया में अफरा-तफरी का माहौल है। युद्ध में प्रयोग किए जा रहे आयुद्धों से वायुमंडल में जहरीली गैसों का पर्यावरण अत्यन्त प्रदूषित हो गया। पिछले सालों की अपेक्षा इस साल देश-दुनिया में प्रचंड गर्मी पड़ रही है। दुनिया में सबसे गर्म 100 शहरों में से 94 अकेले भारत में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब समस्या केवल बढ़ते तापमान मक सीमित नहीं रह गई है। बढ़ती उमस भरी रातें, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव ने गर्मी को पहले के मुकाबले कहीं अधिक खतरनाक और असहनीय बना दिया है। इस बीच अच्छी खबर है कि मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आज आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, दक्षिण-पूर्व अरब सागर के अतिरिक्त भागों, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व तथा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के अधिकांश हिस्सों में प्रवेश कर लिया है।
सैटेलाइट से लिए गए तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि मॉनसून की आमद तेज हो गई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं, जो भारी बारिश की संभावना की ओर इंगित करता है। मॉनसून सामान्य से थोड़ा तेज गति से आगे बढ़ रहा है। अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के बाकी हिस्सों, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी के शेष भागों और अंडमान सागर के बचे हुए क्षेत्रों में और आगे बढ़ने की अच्छी संभावना है।
मॉनसून के ऐसे बढ़ने का मतलब है कि केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वोत्तर राज्यों में जल्द अक्ष्छी बारिश शुरु हो सकती है। आमतौर पर मॉनसून केरल में 1 जून को पहुंचता है, लेकिन इस साल इसमें थोड़ी जल्दी दिख रही है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट और विदर्भ जैसे इलाकों में तापमान 45-48 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में मॉनसून की इस तेज गति से लोगों को उम्मीद है कि जल्द बारिश शुरु हो जाएगी और गर्मी से राहत मिलेगी। किसानों के लिए यह खबर अच्छी है। मॉनसून के समय पर या उससे पहले की उन्नति खरीफ फसल की बुवाई के लिए अनुकूल होती है। यदि मॉनसून अच्छा रहा तो देशभर में कृषि उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनी रहने की संभावना है। यदि सब ठीक रहा तो मॉनसून जल्द ही मुख्य भूमि भारत की ओर बढ़ेगा। सैटेलाइट तस्वीर में दिख रहे घने बादल साफ संकेत दे रहे हैं कि मॉनसून सक्रिय हो चुका है। हालांकि, कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी बनी रहेगी, लेकिन कुल मिलाकर देश में मॉनसून का प्रवेश का इंतजार अब कम हो गया है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने से पूरे देश में बारिश की उम्मीद जगी है। गर्मी से परेशान लोग अब बारिश का स्वागत करने को तैयार है।

