राजधानी में साकार होगा अपना घर का सपना
-दिल्ली सरकार ने किया आईएफसी के नियमों में बदलाव
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छोटे व मिडिल क्लास परिवारों को होगा फायदा
अखिलेश कुमार अखिल
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में अब अपना घर का सपना पूरा होगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पानी और सीवर से जुड़े आईएफसी नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए लाखों लोगों को राहत दी है। अब दिल्लीवासियों का यह सपना आसानी से पूरा हो सकेगा। सरकार के इस फैसले से विशेष रुप से छोटे प्लाट, छोटे फ्लैट, अनधिकृत कॉलोनियांे और मिडिल क्लास परिवारों को सीधा फायदा होगा।
नए नियमों के तहत अब आईएफसी चार्य प्लॉट के आकार पर नहीं, बल्कि पानी की वास्तविक जरुरत के आधार पर तय किए जाएंगे। पहले दिल्ली में नया घर बनाने या नक्शा पास कराने के दौरान आम आदमी पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाता था। पुराने नियमों के मुताबिक प्लॉट बड़ा होने पर आईएफसी चार्ज भी ज्यादा लगते थे, भले ही वहां पानी की खपत या जरुरत बेहद कम हो। इस भारी-भरकम शुल्क के डर से कई मिडिल क्लास परिवार अपने घर में नया फ्लोर जोड़ने या मरम्मत का काम कराने से पीछे हट जाते थे, जिससे उनका अपने घर को बड़ा करने का सपना अधूरा रह जाता था।
सरकार के मुताबिक, इस ऐतिहासिक बदलाव से कई मामलों में लोगों के लाखों रुपये तक बच सकते हैं। इसका सीधा लाभ दिल्ली के छोटे मकान मालिकों, मिडिल क्लास परिवारों और विशेष रुप से ई,एफ,जी और एच कैटेगरी की कॉलोनियों में रहने वाले निवासियों को मिलेगा। इसके साथ ही, दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों रहने वाले लाखों लोगों के लिए भी अब घर निर्माण की राह आसान हो जाएगी। नियमों में बड़े बदलाव पर दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आईएफसी चार्ज परिसर के आकार के आधार पर लगाए जाते थे, जिससे जनता पर अनावश्यक बोझ पड़ता था। अब सरकार ने इसे पारदर्शी बनाते हुए जल आवश्यकता से जोड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बदलाव से न केवल लोगों के पैसों की बचत होगी और सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि निचले स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार पर भी पूरी तरह रोक लगेगी।

