विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में विरोध मार्च
-सरकार पर प्रियंका गांधी ने साधा निशाना
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे।
विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोप और अन्य मुद्दों को लेकर भी केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। विपक्ष का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस का रवैया उचित नहीं था और अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, इस पूरे विरोध प्रदर्शन के बीच संसद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। विपक्षी दल इन मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर लगातार उठाने की बात कह रहे हैं।
इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘जो लोग सरकारी पदों पर हैंए उनकी जनता के प्रति कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। यह लोकतंत्र हैए तानाशाही नहीं यह किसी का शाही दरबार नहीं है। इसलिए, अगर ऐसी घटनाएं हुई हैं, बच्चों पर गोलियां चलाई गई हैं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है, आंसू गैस छोड़ी गई है या लाठीचार्ज का आदेश दिया गया है, तो किसी न किसी को तो जिम्मेदार ठहराया ही जाना चाहिए। किसी ने तो वे आदेश दिए होंगे, और उन्हें ही जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा ‘संदेश साफ है: जैसे हमारे बच्चों ने गांधी जी के सिद्धांतों का पालन करते हु, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया, वैसे ही हम भी यहीं से अपना विरोध शुरू करेंगे। हमारी मांग स्पष्ट हैरू हमारे बच्चों पर की गई अन्यायपूर्ण हिंसा, पैलेट गन चलाने, चोट लगने और सिर व अंगों पर वार से हड्डियां टूटने जैसी घटनाओं के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। इन कामों के लिए किसी न किसी को जिम्मेदारी लेनी ही होगी।



