रिम्बी भूस्खलन पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
> पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5 लाख रुपये, किराये के मकानों में रह रहे प्रभावित परिवारों को मिलेंगे 50 हजार रुपये
अजीत प्रसाद
**ग्यालशिंग:** सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने ग्यालशिंग जिले के युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रिम्बी में हुए भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री राहत कोष (Chief Minister’s Relief Fund) और मुख्यमंत्री विवेकाधीन अनुदान (CM Discretionary Grant) के माध्यम से प्रभावित परिवारों को वित्तीय मदद दी जाएगी। इस सहायता का उद्देश्य आपदा में हुए नुकसान से उबरने और विस्थापित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता पैकेज के तहत भूस्खलन में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए तीन मकानों के लिए प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, क्षतिग्रस्त हुई दो रसोई के लिए प्रत्येक को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस राशि से प्रभावित परिवारों को संपत्ति के नुकसान की भरपाई करने और पुनर्निर्माण की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत भूस्खलन प्रभावित प्रत्येक परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है। इस राशि का उद्देश्य आपदा के बाद परिवारों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है। भूस्खलन के कारण प्रभावित लोगों को भोजन, दैनिक आवश्यकताओं और अन्य जरूरी खर्चों के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यह सहायता उनके लिए राहत का माध्यम बनेगी।
मुख्यमंत्री ने उन प्रभावित लोगों के लिए भी आर्थिक मदद की घोषणा की है, जो अपने घरों को नुकसान पहुंचने के कारण फिलहाल किराये के मकानों में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री विवेकाधीन अनुदान के तहत ऐसे प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस कदम से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
रिम्बी क्षेत्र में हुए भूस्खलन ने प्रभावित परिवारों के सामने आवास और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण मकानों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचने पर परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में समय और संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसे में सरकार की ओर से घोषित वित्तीय सहायता प्रभावित लोगों को शुरुआती राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री राहत कोष और विवेकाधीन अनुदान के माध्यम से दी जाने वाली यह सहायता आपदा प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर घोषित की गई है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों, नुकसान झेल चुकी रसोई और किराये के आवास में रहने को मजबूर परिवारों के लिए अलग-अलग सहायता का प्रावधान किया गया है।
रिम्बी भूस्खलन प्रभावित परिवारों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित करना और सुरक्षित आवास की व्यवस्था करना है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, इस सहायता से उन्हें आपदा के बाद उत्पन्न कठिन परिस्थितियों से उबरने और सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सकती है।



