समाज को बदलाव के बदले मानसिक गुलाम बनाना चाहती है पूंजीवादी शक्तियां: समाजसेवी संतोष ईश्वर
शकील बेग
नावकोठी, बेगूसराय। भारत के महान कथा सम्राट मुंशी प्रेमचन्द की समसा में जयंती समारोह आयोजित की गयी। इस अवसर पर आज का समय और प्रेमचन्द विषय पर सेमिनार आयोजित हुई। शहीद भगत सिंह मेमोरियल कमिटी समसा के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रवण कुमार ने की। सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि शिक्षाविद केंद्रीय विद्यालय से अवकाश प्राप्त शिक्षक एवं समाजसेवी संतोष ईश्वर ने कहा कि आज समाज को बदलाव के बदले पूंजीवादी और साम्राज्यवादी सांप्रदायिक शक्तियां मानसिक गुलाम बनाकर शोषण और यातना की जिंदगी में आम आवाम को धकेलना चाहते हैं। ऐसे समय में हिंदी साहित्य के महान वैज्ञानिक लेखक मुंशी प्रेमचंद हमें भारत के सांप्रदायिक जहर नफरत से उत्थान और एकता व अखंडता का संदेश दिया है। उनके लेखन में निदान है। प्रेमचन्द ने अनेकों कहानी उपन्यासों को लिखकर सामाजिक कुरीतियों पर गहराई से चोट किया है। सेमिनार को शहीद भगत सिंह मेमोरियल कमिटी समसा के सचिव धर्मेंद्र कुमार ने प्रेमचन्द के जीवनी को पढ़ने के साथ-साथ जीवन में उतारने की जरूरत पर बल दिया। सेमिनार को चन्दन कुमार, राहुल कुमार, सुमन, बबीता, प्रभात कुमार, क्रांति, सजना कुमारी आदि ने संबोधित किया। प्रेमचंद जयंती समारोह में छात्र-छात्राओं के बीच मेडल देकर पुरस्कृत किया गया।

