महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर

उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे सेना में शामिल

-यह सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है: श्रीकांत
विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर से फिर बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। शिवसेना ;उद्धव बालासाहेब ठाकरे. को अब तक का सबसे बड़ा झटका देते हुए उसके 6 मौजूदा सांसदों ने सोमवार को पाला बदल लिया और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया। इस दलबदल के बाद सूबे की सियासत में श्ऑपरेशन टाइगर की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बड़े सियासी धमाके के ठीक एक दिन बाद, शिवसेना नेता और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने विपक्ष को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ऐसे कई और श्सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई एक बेहद अहम बैठक से उनके कई विधायक भी नदारद रहे, जिससे उद्धव गुट में और टूट की आशंकाए, गहरा गई हैं।
शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे ने पत्रकारों से बातचीत में बेहद आक्रामक और चुटीले अंदाज में उद्धव गुट पर तंज कसा। उन्होंने कहा एक के बाद एक धमाके होते रहेंगे। पिछले चार सालों से हम सिर्फ राजनीतिक झटके ही दे रहे हैं। श्ये तो बस ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है।’ अभी असली कहानी सामने आनी बाकी है।’
पत्रकारों से मजाक के मूड में शिंदे ने आगे कहा,  आज का दिन आपके ;मीडिया. लिए काफी नहीं था क्या दो बड़ी खबरें, दोनों राष्ट्रीय सुर्खियांय एक दिन में आपको और कितनी खबरें चाहिए कुछ कल के लिए, परसों के लिए भी रखिए। मुझे लगता है कि सुबह से एक के बाद एक ब्रेकिंग न्यूज़ कवर करते हुए आप भी थक गए होंगे। अब आज थोड़ा आराम कीजिए, शांत रहिए। कल हम फिर से नई शुरुआत करेंगे।’
ठाकरे गुट के नेताओं को अपने पाले में लाने के इस अभियान को राजनैतिक गलियारों में ष्ऑपरेशन टाइगर का नाम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खुद इसके सफल होने के संकेत दिए। उन्होंने पार्टी में शामिल हुए नए सांसदों का स्वागत करते हुए कहा, अब यहाँ एक नहीं, बल्कि छह.छह टाइगर ;शेर. मौजूद हैं।’
सूत्रों के मुताबिकए इन बागी सांसदों ने औपचारिक रूप से शिंदे खेमे में शामिल होने से पहले मुंबई में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ कई गोपनीय बैठकें की थीं। संसद और महाराष्ट्रए दोनों ही जगहों पर इस कदम से शिंदे गुट की ताकत काफी बढ़ गई है, जबकि पार्टी विभाजन के बाद से अपना आधार बचाने में जुटे उद्धव ठाकरे पर दबाव चरम पर पहुंच गया है।

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