प्लास्टिक छोड़ने का किया आह्वान
-जूट के थैलों का करें इस्तेमाल : डीसी
भारत पोस्ट संवाददाता
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में विश्व प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आह्वान किया कि पृथ्वी केवल जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण या कचरे के संकट से नहीं जूझ रही है। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल प्लास्टिक बैग छोड़ने का अभियान नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली, सोच और संस्कृति का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर भी है।
उन्होंने बताया कि परमार्थ निकेतन शिविर से प्लास्टिक मुक्त कुंभ मेला को लेकर अनेक प्रयोग किए गए। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को कपड़े के थैले वितरित किए ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो सके। स्वामी चिदानंद ने कहा कि आवश्यकता केवल सरकारी नीतियों की नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संकल्पों की है।
हम अपने घर से निकले तो कपड़े का थैला साथ लेकर चले। जब प्रत्येक परिवार प्लास्टिक की जगह प्रकृति.अनुकूल विकल्प अपनाए जब प्रत्येक विद्यालय अपने विद्यार्थियों में पर्यावरणीय संस्कार विकसित करेगा और जब प्रत्येक धार्मिक स्थल प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था का आदर्श बनेगा। वहीं पूर्णानंद घाट पर भी वसुंधरा संस्था की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था की उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति शर्मा ने कहा कि प्लास्टिक बैग का परित्याग कर हम सभी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



