विचार
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देश ,समाज, प्रकृति, परिवेश और जन-जीवन की छटा का कविता में सहज चित्रण।
साहित्य संसार पुस्तक समीक्षा ग्रीष्मावकाश संपादक: राजीव कुमार झा प्रकाशक: शॉपिजन.इन अश्वमेघ एलिगेंस अंबावाडी में बाजार, अहमदाबाद गुजरात 380006 मोबाइल…
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आज पुलिस स्मृति दिवस ,यानी चीन की दगाबाजी को याद करने का भी दिन
सीमा पर सैनिक और भीतर पुलिस विश्व के हर देश की एकता ,अखंडता, शांति और संप्रभुता की रक्षा की सजीव…
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हरियाणा के चुनाव =विकसित भारत की जीत
आम चुनाव 2024 के बाद से लगातार मैं लिख रहा था की इस बार खंडित, विखंडित, अर्धविक्षिप्त, विदेशों से प्रायोजित…
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अगले जन्म मोहे…
गीतिका सक्सेना सुबह- के पांच बजे थे और एडवोकेट निकिता राय अपने एडिडास के स्पोर्ट्स शूज़ और ट्रैकसूट…
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दिल्ली में टेलीविजन इंडस्ट्री दोस्ती , मंतव्य और गुफ्तगू
राजीव कुमार झा दिल्ली में लोग अपनी जुगाड़ दोस्ती इधर उधर की अन्य बातों से निजी तौर पर…
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वरिष्ठ नागरिकों के कौशल की राह आसान बना रहा है “सिद्ध”
बिशन पपोला स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) एक ऐसा अद्वितीय और प्रभावशाली प्लेटफॉर्म है जो भारत में स्किलिंग की आवश्यकताओं…
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जो अपनी भाषा का नही हुआ वो किसी का नही हो सकता – कवि संगम त्रिपाठी
प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने कहा कि जो अपनी भाषा का नही हुआ वो…
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राष्ट्रभाषा बिना संस्कृति संरक्षण कोरी कल्पना – कवि संगम त्रिपाठी
प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी राष्ट्रभाषा अभियान सतत चला रहे हैं और इसी अभियान को…
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अवध किशोर झा की डायरी 1950
स्कूल में नामांकन और पढ़ाई लिखाई की शुरुआत। मेरे जीवन के ये दिन बड़े नीरस थे। मुझे संसार…
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अवध किशोर झा की डायरी
इंदुपुर 12/09/1952 अभी रात्रि के करीब 8 बजे होंगे। आज दिन भर पानी बरसता रहा। अभी भी पानी बरस…
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