असम मॉडल पर शिक्षा सुधार और अवैध मदरसों की जांच की मांग,
सिलीगुड़ी में हिंदू महामंच ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में असम मॉडल की तर्ज पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने, अवैध रूप से चल रहे मदरसों की जांच कराने और सरकारी या बेतरतीब ढंग से कब्जा की गई जमीनों पर बने मदरसों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग को लेकर ‘बंगीय हिंदू महामंच’ (उत्तर बंगाल शाखा) ने मोर्चा खोल दिया है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी इन विभिन्न मांगों को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन (स्मारकलিপি) सिलीगुड़ी के अनुमंडल शासक (SDO/SDM) को सौंपा।
अवैध कब्जों पर कार्रवाई की मांग
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग: “संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए पड़ोसी राज्य असम की तरह कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर और जमीनों पर अवैध कब्जा कर मदरसों का निर्माण किया गया है, जिनकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। महामंच ने चेतावनी दी है कि अगर इन मांगों पर प्रशासन की ओर से जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेंगे।




