ममता की खाता.बही खंगाल रही सरकार
-बिधाननगर साइबर पुलिस कर रही जांच
विशेष प्रतिनिधि
कोलकाता। तृणमूल के फ्रीज किए गए बैंक खातों की जांच शुरू हो गई है। बिधाननगर पुलिस स्टेशन ने तीनों खातों से संबंधित जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने उन निजी बैंक से कई जानकारियां मांगी हैं। जहां ये तीनों खाते स्थित थे. जांचकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की है कि बैंक खाते कब खोले गए थे। उन्हें खोलने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था और ये खाते किसके नाम पर हैं। तीनों खातों के पिछले पांच वर्षों के विवरण मांगे गए हैं। यानी जांचकर्ता यह देखना चाहते हैं कि किन खातों से उस बैंक खाते में पैसा आया और कितनी रकम जमा हुई। क्योंकि तृणमूल के खातों में कई संदिग्ध लेनदेन होने और गबन की गई रकम जमा होने के आरोप लगे हैं।
बिधाननगर साइबर पुलिस स्टेशन पूरे मामले की जांच कर रहा है। तृणमूल के तीन खातों में पहले ही 440 करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। हालांकि, कालीघाट तृणमूल इस मामले में हाई कोर्ट का रुख करने जा रही है। गौरतलब है कि 12 जून को अरूप बिश्वास ने बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर अपना खाता फ्रीज करने को कहा था। लेकिन अरूप के रवैये को समझते हुए तृणमूल ने उन्हें पहले ही हटाकर 5 जून को सुभाषिश चक्रवर्ती को कोषाध्यक्ष नियुक्त कर दिया था। इस मामले में उन पर मुकदमा भी चल रहा है।
बताया जा रहा है कि जिस दिन अभिषेक बनर्जी लोकसभा अध्यक्ष से मिलने गए, उसी दिन राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी ने उनकी दिल्ली यात्रा के ष्वाहन के मुद्दे पर तंज कसा। चार्टर्ड विमान विवाद का मुद्दा उठा। रीतब्रत बनर्जी ने पिछले शुक्रवार को तृणमूल कोष के स्रोत पर सवाल उठाए थे। तभी पता चला कि जयनगर विधायक की शिकायत के आधार पर एक निजी बैंक के तीन खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। कालीघाट की तृणमूल अब कोष बचाने के लिए बेताब है। सूत्रों के अनुसारए वे कोष बचाने के लिए कानून का सहारा लेंगे।


