पुलिस के हवाले !
कविता
अब खून खराबे की
उन नृशंस बातें की
किसी को याद मत दिलाओ ।
सेनारी से मियांपुर
बरमेश्वर मुखिया की
याद में
जिंदगी की रोशनी का
दिया जलाओ ।
रात के अंधेरे में
दोनों गांवों में आये
क्रूर हत्यारों को सजा
दिलाओ ।
मासूम बच्चों
बेगुनाह माताओं के
हत्यारे
अब भी बेशर्मों के
उनके बाकी बचे
समर्थकों को करो
पकड़कर –
जहानाबाद अरवल आरा
औरंगाबाद पुलिस के
हवाले ।
बरमेश्वर मुखिया
विनोद मिश्रा के नाम पर
जो भी यहां बिहार में
कभी शासन चलाए।
बिहार के खेत खलिहानों से
जमींदार मजदूर
दोनों मिलकर उसको
भगाए।
जनता दरबार में
नीतीश कुमार उसको
फोन करके रोज बुलाए।



