स्वामी विवेकानंद और धर्म अध्यात्म के प्रति उनकी देन!

 

राजीव कुमार झा

आज विवेकानंद जयंती है और इस दिन सारे देश में युवा दिवस मनाया जाता है।स्वामी विवेकानंद ने आधुनिक काल में भारतवासियों को धर्म और अध्यात्म के प्रति नये चिंतन और और दृष्टि को अपनाने का संदेश दिया और हजारों साल पुरानी भारतीय सभ्यता- संस्कृति के उदात्त आयामों से सारी दुनिया को अवगत कराया। उनका अमरीका के शिकागो में दिया भाषण प्रसिद्ध है और इसमें उन्होंने प्राचीन धर्म के रूप में मनुष्य जीवन के उत्थान और जीवन के उत्कर्ष के प्रति हिन्दू धर्म के सनातन चिंतन और इसके शाश्वत संदेशों से सारी दुनिया को अवगत कराया था।
मध्यकाल में सारे देश का चतुर्दिक पतन हो गया था।
यह गुलामी का काल था। आधुनिक काल में ब्रिटिश शासन की स्थापना के बाद पश्चिमी विचारों के प्रचार प्रसार से भारत में भी राष्ट्रीयता और देशप्रेम की भावना का विकास हुआ। धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में भी नये विचारों के सूत्रपात से भारत जीवन के सहज मार्ग पर अग्रसर
हुआ। इस दौर में पश्चिमी देशों में भारत विषयक चिंतन और इसके प्रति वहां प्रेम और लगाव की भावना के विकास में स्वामी विवेकानंद की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
स्वामी विवेकानंद संन्यासी थे लेकिन संन्यास धारण करने से पहले उन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा भी हासिल की थी और उनके हृदय में देश की तत्कालीन परिस्थितियों को लेकर गहरे क्षोभ के भाव के अलावा धर्म और अध्यात्म के
माध्यम से भारतवासियों के आत्मिक उत्थान का भाव उत्कटता से समाया था। इसी अनुरूप अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस की प्रेरणा से वह इस क्षेत्र में प्रवृत्त हुए और सारे देश का उन्होंने भ्रमण किया।

स्वामी विवेकानंद को भारत में यहां की सदियों पुरानी आध्यात्मिक संस्कृति और इसके जीवन मूल्यों के प्रति देश में नये प्रेम भाव को जाग्रत करने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने देशवासियों से कर्म के पथ पर अग्रसर होने का आह्वान किया और समाज में व्याप्त पुरानी रूढ़ियों अंधविश्वासों की कटु आलोचना करते हुए जीवन के प्रति तार्किक दृष्टिकोण को अपनाने पर जोर दिया।
उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना के माध्यम से देश में शिक्षा , समाज सेवा के कार्यों के प्रति भी लोगों में संकल्प भावना को कायम करने में सतत संलग्न रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button