फिलिस्तीनी बच्चों और युवाओं का सुनियोजित नरसंहार मानवता पर कलंक: शंभू देव
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन बेगूसराय जिला सचिव मंडल की विशेष बैठक रविवार को आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जिला सचिव कामरेड शबाब आलम ने की। बैठक में एआईवाईएफ बिहार के राज्य अध्यक्ष शंभू देव मुख्य अतिथि थे। शंभू देव ने गाज़ा में जारी इज़रायली बमबारी और नाकेबंदी को मानवता पर सबसे बड़ा कलंक बताया। उन्होंने कहा कि गाज़ा में बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को भूख, बीमारी और मौत के बीच जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इज़राइल गाज़ा में अस्पतालों, मरीज़ों, घायलों, डॉक्टरों और नर्सों पर बमबारी कर रहा है। डॉक्टर और नर्स भोजन की कमी के कारण अर्ध-चेतन अवस्था में अपना कर्तव्य निभा रहे हैं और मानसिक आघात से पीड़ित हैं। इलाज के लिए जरूरी दवाओं और अन्य चिकित्सकीय सामग्रियों की भारी कमी है। एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने बताया कि अब तक इज़राइल 60,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की हत्या कर चुका है, जबकि मलबे में दबे अज्ञात लोगों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। बम और मिसाइलों के बाद अब गाज़ा में लोग भूख से मर रहे हैं। पिछले पाँच महीनों से 21 लाख लोग भुखमरी का शिकार हैं और भूख से मरने वालों की संख्या हर दिन बढ़ रही है।एआईवाईएफ के जिला सचिव धीरेंद्र कुमार और जिला अध्यक्ष शबाब आलम ने संयुक्त रूप से बताया कि फ़िलिस्तीन में 20 लाख से अधिक लोग दवा, पानी और भोजन की कमी से जूझ रहे हैं। इज़राइल-अमेरिका गठबंधन 24 घंटे में 100 बार बमबारी का रिकॉर्ड बना रहा है। गाज़ा के 80% घर, 70% स्कूल, विश्वविद्यालय और 36% अस्पताल नष्ट हो चुके हैं (अप्रैल 2024 तक के आँकड़े)। असली आँकड़े और तस्वीरें इंटरनेट से हटाई जा रही हैं। बच्चों के लिए दूध और अन्य खाद्य पदार्थ पहुँचने से रोक दिए गए हैं। 2 साल से कम उम्र के 1 लाख बच्चों सहित 40 हज़ार बच्चे भुखमरी के गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। माताएं अपने बच्चों को दूध की बजाय केवल पानी पिलाने को मजबूर हैं। शंभू देव ने कहा, “यह सिर्फ युद्ध नहीं बल्कि सुनियोजित नरसंहार है। जिसमें मासूम बच्चों को सबसे अधिक निशाना बनाया जा रहा है।” उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा “आइए, 12 अगस्त 2025 को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर फिलिस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त करें और गाज़ा के फिलिस्तीनी लोगों के नरसंहार के खिलाफ आवाज़ बुलंद करें। बिहार के हर कोने में इसका पुरजोर प्रतिकार होना चाहिए।” बैठक में जिला के एआईवाईएफ के पदाधिकारी राहुल कुमार, रोशन कुमार और अतुल अंजान मौजूद थे।


