कवयित्री मीनाक्षी शर्मा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की निवासी हैं। प्रस्तुत है इनसे राजीव कुमार झा की संक्षिप्त बातचीत…

साहित्य: साक्षात्कार

 

प्रश्न – आप अपने गांव शहर और घर परिवार के बारे में बताएं। कविता लेखन करके कैसा महसूस करती हैं? क्या इससे जुड़े विषयों पर आपने कोई कविता लिखी है? उसे प्रस्तुत करें

उत्तर – मेरे गाँव का नाम दरीणी है, जो मुझे बहुत प्यारा लगता है। वहीं नजदीक तलमाता का मंदिर है, जो बहुत खूबसूरत है। जिसको देखकर माँ की ममता और नारी शक्ति का साक्षात् आभास होता है। यहाँ माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं और आकर माँ के दरबार में शांति और सुकून का अनुभव करते हैं। इस मंदिर में तल माता का मेला भी होता है तथा कभी-कभी माँ का जगराता और लंगर भी लगाया जाता है।

मेरे परिवार में मेरे पापा – मम्मी, भाई -भाभी,सास,पति और मेरा बेटा और भाईयों के बच्चे शामिल हैं। जिनसे मैं बहुत प्यार करती हूं।

कविता लेखन करके मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है इसमें में अपने मन के भाव और आस पास के वातावरण और समाज के व्यवहार सोच और विचारों को साझा करती हूं जिसके दो पहलू होते हैं सकारात्मक और नकारात्मक जो सामने वाला व्यक्ति अपनी सोच समझ से महसूस करता है।

हां जी ! इससे जुड़े विषय पर मैंने बहुत सारी कविताएं लिखी हैं जिसमें से एक मैं आपके साथ साझा कर रही हूं जिसका शीर्षक है “रिश्ते”

अधूरे से लगते हैं परिवार बिन रिश्ते,
अनमोल जिंदगी का गुरुर होते है रिश्ते,
बिन बात के जो इक दूजे संग लड़ते,
इक दूजे के सुख दुख में हंसते और रोते,
ऐसे ही खूबसूरत होते हैं रिश्ते।

विश्वास और प्यार से जो मजबूत हुए,
दिलों में जो इक दूजे के जो मशहूर हुए,
इक दूजे से बंधे जो धागों के जैसे,
ऐसे अनमोल रिश्ते ही पावन हुए,
खूबसूरत बगिया में यह फूल बन खिलें।

अंधकार में मोमबत्ती बन यह रिश्ते जलें,
मुसीबत में हमराही बन यह रिश्ते साथ चलें,
अपनेपन की महक यह सब और करें,
किस्मत वालों के हिस्से में सच्चे रिश्ते मिलें,
कांटों के सफर में यह रिश्ते फूल बन चलें।

प्रश्न – आपके कुछ काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुए हैं और इनमें किन – किन विषयों पर आपने कविता लेखन किया है?

उत्तर – हां जी ! मेरे काव्य संग्रह हैं । मेरे काव्य संग्रह इस प्रकार हैं । जिंदगी का एहसास
नारी शक्ति

प्रश्न -अपने प्रिय कवियों और लेखकों के बारे में बताएं।

उत्तर -सभी कवि मुझे बहुत प्रिय है पर इनमें से जिनकी कविताएं मैं सुनती हूं वो कवि चंदन राय,कवि अमित शर्मा और कवियत्री अनामिका अंबर जी है जिनके काव्य संग्रह मुझे काफी अच्छे लगते हैं।
और लेखकों में तो मेरे प्रिय लेखक और कवि कुमार विश्वास जी व शैलेश लोढ़ा जी हैं।

प्रश्न -हमारे देश में कांगड़ा कला साहित्य का समृद्ध अंचल‌ है। इसके बारे में जानकारी दीजिए।

उत्तर – कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र है। यह अपनी प्रसिद्ध कांगड़ा चित्रकला (Kangra Painting) के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इस चित्रकला शैली का विकास 18वीं शताब्दी में हुआ और इसमें प्रकृति, राधा-कृष्ण प्रेम, लोकजीवन तथा धार्मिक कथाओं का अत्यंत सुंदर चित्रण मिलता है।
साहित्य की दृष्टि से भी कांगड़ा क्षेत्र समृद्ध रहा है। यहाँ की लोककथाएँ, लोकगीत, लोकनाट्य और पहाड़ी संस्कृति साहित्य को विशेष पहचान प्रदान करते हैं। कांगड़ा की प्राकृतिक सुंदरता—धौलाधार पर्वतमाला, हरे-भरे वन, नदियाँ और घाटियाँ—कवियों एवं साहित्यकारों को सदैव प्रेरित करती रही हैं। इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत भारतीय कला और साहित्य की अमूल्य धरोहर मानी जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button