छत्तीसगढ़ के रायपुर की लेखिका अनिता शरद झा आद्या से राजीव कुमार झा की बातचीत…
साहित्य लेखन: साक्षात्कार
प्रश्न: आप मैथिल ब्राह्मण परिवार की हैं। इधर छत्तीसगढ़ के रायपुर में आप लोग कब से हैं। इधर आपके परिवार के लोग कैसे आये?
उत्तर: पितामह कुलगुरु देव बनकर मधुबनी से आए । ससुरजी आचार्य सरयूकांत झा, साहित्यकार, छत्तीसगढ़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष संरक्षक थे !
प्रश्न: आपकी पुस्तक लाल चौरा का विमोचन मारिशस के विश्व हिन्दी सम्मेलन में हुआ। इसके बारे में बताएं।
उत्तर: मॉरीशस में भाषा सहोदरी हिंदी न्यास का नौवाँ अंतर्राष्ट्रीय हिंदी अधिवेशन में हुआ महामहिम राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन द्वारा हिन्दी गाँधी संस्थान में 10 जनवरी 2023 को विमोचन हुआ!
प्रश्न: आपने बाल साहित्य लेखन भी किया है। इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: दिविक रमेश जी ने मेरी पुस्तक चुलबुली नानी की रंगीन फुलझड़ियों का विमोचन किया। यह आचार्य सरयूकांत स्मृति संस्थान की दो दिवसीय व्याख्यानमाला में विभिन्न साहित्यकारों की उपस्थिति में हुआ!
प्रश्न: अपनी शिक्षा दीक्षा के बारे में बताइए?
उत्तर : मेरी स्नातक तक शिक्षा संपन्न हुई ।
प्रश्न: अपने प्रिय लेखकों और कवियों के बारे में बताएं।
उत्तर: मुंशी प्रेमचन्दजी, रेणु जी दिनकर जी मेरे प्रिय लेखकों में हैं। बाबा नागार्जुन, हरिमोहन झा का हमारे परिवार से संबंध था । शिवानी ,शुभद्रा कुमारी चौहान आदि की लिखी रचनाएं भी मुझे प्रिय हैं।
प्रश्न: रायपुर में मिथिला और मैथिली की स्मृति और सम्मान में आयोजित अपने कार्यक्रमों के बारे में बताइए?
उत्तर: यहां रायपुर में विद्यापति भव्य भवन भव्य निर्माण की योजना है
प्रश्न: पाठकों के लिए अपनी किसी कविता को यहां उद्धृत कीजिए !
उत्तर: मैं अपनी एक कविता यहां प्रस्तुत कर रही हूं –
अदब की महफ़िल में
जब ऐसे कद्रदान बैठते हैं,
तो लफ्ज़ भी खुद ब खुद मुस्कुरा कर बोलते हैं।”
कैनवास पर रंग बिखेरते
अमर हो जाते है !



