पंजाब कांग्रेस में बगावत के सुर
-विधानसभा चुनाव से पहले होगा बड़ा खेला
भारत पोस्ट संवाददाता
चण्डीगढ़। पंजाब कांग्रेस में बगावत के सुरों ने पार्टी की फूट को एक बार फिर उजागर कर दिया है। राहुल गांधी के खास माने जाने वाले पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी हाईकमान के फैसले से नाराज हो गए हैं। जिस दिन पंजाब में बगावत हुई उसी दिन सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलते हैं और इस पूरे प्रकरण पर पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों कहते हैं कि भाजपा में सबका स्वागत है।
सूबे में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और कांग्रेस में बगावत की टाइमिंग ने पार्टी के समक्ष एक बड़ा सियासी संकट खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने सितंबर 2021 में अंदरूनी राजनीतिक विवाद और कलह के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इस्तीफा लेकर दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का सीएम बनाया था। आज वही पूर्व सीएम चन्नी राहुल गांधी के फैसले को चुनौती दे रहे हैं।
शुक्रवार को जो घटनाक्रम हुआ उससे सूबे की सियासत में बड़े खेल की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता। उधर, भाजपा सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के कई नाखुश नेता भाजपा के संपर्क में हैं। दरअसल, भाजपा पंजाब में अपनी जड़ें जमाने की कोशिशों में लगी है। सत्ता में आने के लिए भाजपा हर तरह की रणनीति पर काम करने की तैयारी में है क्योंकि पार्टी जानती है कि पंजाब में उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। अभी सूबे में भाजपा के केवल दो ही विधायक हैं।
सात महीने बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसी स्थिति में पंजाब कांग्रेस में एक बड़ी कलह छिड़ जाने को भाजपा अपने लिए किसी बड़े अवसर से कम नहीं देख रही है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी जून 2022 से पहले कांग्रेस के बड़े नेता और दो बार के विधायक रहे हैं। लिहाजा कई कांग्रेसी नेताओं के गैर सियासी संबंध आज भी उनके साथ बहुत अच्छे हैं। चूंकि अब कांग्रेस में बगावत के सुर उठ रहे हैं तो लाजिमी है कि ढिल्लों भी नाराज नेताओं को भाजपा की ओर आकर्षित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। शुक्रवार को कांग्रेस में बगावत संबंधी प्रकरण पर ढिल्लों ने साफ कहा कि भाजपा एक बहुत बड़ा परिवार है और यहां आने वाले हर नेता का स्वागत है।
ढिल्लों के अलावा सूबे के कई कांग्रेसी नेता राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी प्रधान अश्वनी शर्मा के भी संपर्क में हैं। उधर, सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा की शुक्रवार को ही शाह से मीटिंग की टाइमिंग ने भी अटकलों का बाजार खासा गर्म रखा। हालांकि इन सभी अटकलों को रंधावा ने खारिज कर दिया है।




