शाहाबाद सहकारी चीनी मिल में दिए गए करोड़ों रुपये के रिपेयर एंड मेंटेनेंस के के टेंडर के दौरान बरती गयी अनियमितताओं का हुआ पर्दाफाश
अश्विनी वालिया
शाहाबाद सहकारी चीनी मिल में करोड़ों रुपये के रिपेयर एंड मेंटेनेंस के टेंडर दिनांक 24.10.2024 को हुई निदेशक मंडल की बैठक के दौरान एजेंडा आइटम नंबर 11 (टेंडर संख्या 2024_HBC_404917_1) और एजेंडा आइटम नंबर 13 (2024_HBC_404892_1) पर रखे गए थे उपमुख्य रसायनविद तथा उपमुख्य अभियंता (मैकेनिकल) के द्वारा इन दोनों टेंडरों की संबंधित पार्टियो द्वारा लगाए गये तकनीकी दस्तावेज हरियाणा सरकार के आदेशानुसार, मांगे गए तकनीकी दस्तावेजो की शर्त के अनुसार पूरे नहीं थे, मीटिंग के दौरान टेंडर पास करने के लिए दबाव बनाया गया परंतु उपमुख्य रसायनविद तथा उपमुख्य अभियंता (मैकेनिकल) द्वारा दोनों टेंडर रिजेक्ट कर दिए गए, जिसके चलते थोड़ी देर बाद ही उपमुख्य रसायनविद को मिल हित में काम करने का ईनाम देते हुए टेंडर रिजेक्ट करने के एवज में तत्कालीन प्रबंध निदेशक श्री वीरेंद्र चौधरी द्वारा निलंबित कर दिया जाता है। उपमुख्य अभियंता (मैकेनिकल) को जींद सहकारी चीनी मिल में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया। निलंबित होने उपरांत उपमुख्य रसायनविद द्वारा उपरोक्त दोनों टेंडरों की शिकायत दिनांक 25.10.2024 को रजिस्टर्ड डाक एवं ई-मेल के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी, हरियाणा सरकार एवं अन्य (माननीय सहकारिता मंत्री हरियाणा सरकार, मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता विभाग,हरियाणा सरकार ,प्रबंध निदेशक, हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल्स प्रसंग, पंचकूला, जिला उपायुक्त-कम-अध्यक्ष, शाहाबाद सहकारी चीनी मिल, शाहाबाद मारकंडा, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा राज्य सतर्कता विभाग , मुख्य सतर्कता अधिकारी, हरियाणा सरकार, हरियाणा राज्य सीआईडी विभाग) को की गई। इस दौरान उपमुख्य रसायनविद व अन्य अधिकारी कई बार माननीय मुख्यमंत्री जी से मिले, इस संदर्भ में शिकायत दी, माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आश्वासन दिया गया, कि सरकार इसकी जांच कराएगी और मामले की तह तक जाकर कार्रवाई करेगी, उपरोक्त शिकायत के आधार पर इस संदर्भ में दोनों टेंडरों की जांच उपायुक्त एवं अध्यक्ष शाहबाद सहकारी चीनी मिल लि० के कार्यालय के आदेश के द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त, कुरुक्षेत्र की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई, ।
दोनों टेंडरों की जांच अतिरिक्त उपायुक्त, कुरुक्षेत्र द्वारा दिनांक 06.05.2025 तक पूरी की गई, जांच उपरांत पाया गया कि शाहाबाद सहकारी चीनी मिल में करोड़ों रुपये के रिपेयर एंड मेंटेनेंस के टेंडरों से संबंधित दोनों मामलों में (टेंडर संख्या 2024_HBC_404917_1और टेंडर संख्या। 2024_HBC_404892_1) चीनी मिल के प्रबंध निदेशक की देखरेख वाली तकनीकी पात्रता समिति ने भाग लेने वाली फर्मों की तकनीकी पात्रता को मंजूरी दी। प्रथम दृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों फर्म तकनीकी पात्रता के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करती थीं; हालाँकि, फिर भी उन्हें तकनीकी पात्रता समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था
टेंडर संख्या 2024_HBC_404917_1 से संबंधित वित्तीय बोली के मूल्यांकन में और भी महत्वपूर्ण अनियमितताएं देखी गईं। एल -1 के रूप में एल -2 बिडर को कार्य दे दिया गया, प्रबंध निदेशक चीनी मिल, शाहाबाद की देखरेख में संचालित अनुमोदन समिति की ओर से संभावित दुर्भावपूर्ण इरादे का सुझाव देता है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त टेंडरों के लिए तकनीकी पात्रता के मूल्यांकन के दौरान उचित प्रक्रिया की कमी के बारे में चिंता व्यक्त करने के लिए उपमुख्य रसायनविद , श्री विनीत कुमार का निलंबन, समिति के सदस्यों से वैध और वैध असंतोष को दबाने के प्रयास को दर्शाता है। और पूर्व-चयनित फर्मों के पक्ष में टेंडर अनुमोदन सुरक्षित करने के लिए प्रबंध निदेशक और संबंधित निदेशक मंडल के बीच संभावित मिलीभगत का सुझाव देती है, एवं भ्रष्ट आचरण और मिलीभगत की संभावना को मजबूत करती हैं।
पूर्वगामी को ध्यान में रखते हुए, यह अनुशंसा की जाती है कि सत्यता का पता लगाने के लिए तकनीकी मूल्यांकन समिति के सदस्य, चीनी मिल के प्रबंध निदेशक, शाहबाद और मिल के संबंधित निदेशक मंडल के खिलाफ विभागीय और/या सतर्कता ब्यूरो से जांच शुरू की जाए। इसके अलावा, यह सलाह दी जाती है कि कार्यवाही पर किसी भी अनुचित प्रभाव को रोकने के लिए जांच के दौरान इन व्यक्तियों को उनके कार्यभार से मुक्त कर दिया जाए। हरियाणा सरकार द्वारा तत्कालीन प्रबंध निदेशक श्री वीरेंद्र चौधरी को 29.04.2025 को स्थानांतरित कर दिया गया, इस संदर्भ में मिल के उपमुख्य रसायनविद व अन्य अधिकारी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी, हरियाणा सरकार का दिनांक 01.05.2025 को आभार भी जताया गया था।



