खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम हेतु उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश*
बलवान सिंह ब्यूरो चीफ बाराबंकी *बाराबंकी, 16 मई ।* जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन से जनजीवन की स्वास्थ्य समस्याओं पर रोकथाम हेतु उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति की बैठक शुक्रवार को बाराबंकी में संपन्न हुई। सर्वप्रथम समिति के सभापति राम गोपाल उर्फ गोपाल अंजान, सदस्या वंदना वर्मा, सदस्य संतोष सिंह, सदस्य मानवेन्द्र सिंह और एमएलसी अंगद कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय और अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद समीक्षा बैठक कर कार्यवाही प्रारम्भ की गई।सभापति व सदस्यों ने सम्बंधित विभाग के अधिकारियों से बिंदुवार जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए। समिति के सभापति राम गोपाल उर्फ गोपाल अंजान ने बाराबंकी में खाद्य सुरक्षा एवं नकली दवाओं के रोकथाम से संबंधित जनपद स्तर पर स्टीयरिंग कमेंटी की बैठक नियमित रूप से निर्धारित एजेंडे के अनुसार किए जाने के निर्देश दिये। बैठक में समिति द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं नकली दवाओं से संबंधित मुकदमों एवं लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय बैठकों में ऐसे प्रकरणों की समीक्षा भी किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों को निर्धारित अवधि में निस्तारित कराए जाने के भी निर्देश दिए। समिति द्वारा मानक के विपरीत पाए गए नमूनों के सापेक्ष संबंधित दुकानों/प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार कराए जाने पर भी जोर दिया गया। समिति द्वारा आयुर्वेदिक/आयुष दवाओं के गुणवत्ता के परीक्षण हेतु लैब के लिए शासन स्तर पर विचार करने की बात कही गई। समिति द्वारा नकली दवाओं, मेडिकल स्टोर्स, मेडिसिन फैक्ट्री, ब्लड बैंक एवं पैथोलॉजी सेंटरों की नियमित एवं आकस्मिक जांच कराए जाने के साथ ही सब स्टैंडर्ड दवाएं किसी भी दशा में बिकने न पाए इसके लिए ठोस मेकैनिज्म बनाए जाने, नारकोटिक्स एवं नींद आदि की दवाओं के दुरुपयोग एवं क्रय-विक्रय पर पूरी तरह नजर रखे जाने के साथ ही उनके रिकॉर्ड्स रखे जाने हेतु निर्देशित किया गया। मेडिकल स्टोर्स एवं दवा बनाने वाली फर्मों के लाइसेंस की नियमानुसार जांच एवं मानक के विपरीत पाए जाने वाली दवा की दुकानों व प्रतिष्ठानों के खिलाफ अब तक किए गए कार्रवाई के विषय में भी जानकारी ली गई। आयुर्वेदिक दुकानों पर अधिकृत दवाइयों के ही बिक्री सुनिश्चित कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। खाद्य एवं रसद विभाग के सस्ते गल्ले की दुकानों से दिए जाने वाले खाद्यान्न तथा आंगनबाड़ी के टेक होम राशन की गुणवत्ता की जांच के विषय में जानकारी लेने के साथ ही इनके गुणवत्ता की समय पर जांच करने के भी उन्होंने निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में मिड डे मील में बच्चों को मिलने वाले खाने व अस्पतालों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की लगातार जांच करते रहने के निर्देश दिए है। सभापति द्वारा मान्यता प्राप्त समस्त नर्सिंग होम्स में पंजीकरण संख्या, बेडों की संख्या एवं चिकित्सकों के नाम आदि विवरण स्थाई रूप से अंकित कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जेल में बंदियों को दिये जाने वाले खाने की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिये। बैठक के अंत में समिति के सभापति सहित सदस्यगणों को मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अपर जिलाधिकारी द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नवाबगंज आनन्द कुमार तिवारी, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित जनपद के संबंधित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।समिति ने निम्नलिखित निर्देश भी दिए।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियमों का सख्ती से पालन करवाना। नियमित निरीक्षण और छापेमारी करना। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना, जैसे कि जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना। जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता के बारे में जानकारी देना। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना।
इन कदमों से खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के प्रचलन को रोकने में मदद मिल सकती है और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है।




