खत्म होगा 41 साल का इंतजार! आज अंतरिक्ष में भारत की नई उड़ान…शुभांशु शुक्ला रचेंगे इतिहासl
रिपोर्ट : विनय चतुर्वेदी
भारत के लिए आज एक ऐतिहासिक और गर्व का दिन है. 41 साल के लंबे इंतजार के बाद, एक बार फिर भारत अंतरिक्ष में नई उड़ान भरने जा रहा है. भारतीय वायुसेना के जांबाज ग्रुप कैप्टन और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में कदम रखने वाले दूसरे भारतीय बनकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) और निजी कंपनी एक्सिओम स्पेस (Axiom Space) का ये एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद खास है.
शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले और स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे। इससे 41 साल पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट करीब 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे ISS से जुड़ेगाl
एक्सिओम-4 एक पूरी तरह से निजी यानी कमर्शियल अंतरिक्ष मिशन है, जिसे फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स (SpaceX) के शक्तिशाली फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा. इस मिशन का लक्ष्य 4 अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक ले जाना है.
बतौर पायलट शामिल होंगे शुभांशु
इस मिशन के पायलट के तौर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को चुना गया है. वे एक कुशल टेस्ट पायलट हैं और अंतरिक्ष मिशन के लिए चुने जाने से पहले उन्होंने कई कठिन परीक्षण पास किए हैं. उनके साथ इस मिशन में हंगरी के तिबोर कापु और पोलैंड के स्लावोस उज्नांस्की-विस्नेव्स्की बतौर मिशन स्पेशलिस्ट शामिल होंगे. टीम की कमान नासा की सबसे अनुभवी एस्ट्रोनॉट्स में से एक, पैगी व्हिटसन संभाल रही हैं, जो खुद कई बार अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी हैं.



