देश की शान – युवाओ की प्रेणना : कर्नल सोफिया कुरैशी

रिपोर्ट : विनय चतुर्वेदी

भारतीय सेना में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपने काम और कदमों से पहचाने जाते हैं. कर्नल सोफिया कुरैशी ऐसा ही एक नाम हैं. वो न सिर्फ सेना की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र मिशन में एक टुकड़ी की कमान संभाली, बल्कि उन्होंने देश और दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय महिलाएं जंग के मैदान से लेकर नेतृत्व की हर ऊंचाई को छू सकती हैं. उनका आत्मविश्वास, लीडरशिप और सेवा भाव लाखों युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए मिसाल बन चुका है.
ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में मीडिया को जानकारी देने वाली दो महिला अधिकारियों में से एक कर्नल सोफिया कुरैशी ने मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में पहली से तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की थी और वह एक प्रतिभाशाली छात्रा थी। उनके रिश्ते के भाई ने यह जानकारी दी। उनकी बुआ के बेटे आबिद कुरैशी ने मीडिया को बताया कि कर्नल कुरैशी का दाखिला 1981 में छतरपुर के नौगांव के सरकारी स्कूल में कराया गया था और उन्होंने इस स्कूल में तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की। कर्नल कुरैशी के पिता और दादा भी सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

भारतीय वायु सेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी पहली बार सुर्खियों में तब आईं जब उन्होंने 2016 में पुणे में आयोजित Multinational Army Exercise – Force 18 में भारत की ओर से 18 देशों की सैन्य टुकड़ियों का नेतृत्व किया। इस अभ्यास में अमेरिका, चीन, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया जैसे देशों की सेनाएं शामिल थीं।

सोफिया इस पूरे अभ्यास की एकमात्र महिला कमांडर थीं, जिन्होंने किसी देश की आर्मी यूनिट की कमान संभाली थी। इससे भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत संदेश दिया – कि महिला अधिकारी भी किसी भी चुनौती को पूरी दक्षता से पूरा कर सकती हैं।

सोफिया एक आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं। उनके दादा भारतीय सेना में थे और उनके पति मेकेनाइज़्ड इन्फेंट्री में ऑफिसर हैं। यही कारण है कि देशभक्ति और अनुशासन उनके स्वभाव में कूट-कूटकर भरा हुआ है।

उनकी ये पृष्ठभूमि उन्हें न केवल प्रेरणा देती है, बल्कि ऑपरेशन जैसे high-stress मिशन को डील करने में आत्मविश्वास भी।

ऑपरेशन सिंदूर में महिलाओं की भूमिका
इस हाई-प्रोफाइल मिशन की पूरी प्लानिंग बेहद गोपनीय थी और इसे सफल बनाने में दो महिलाओं का प्रमुख योगदान रहा – लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह। इस स्ट्राइक के बाद मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दोनों अफसरों ने पूरे राष्ट्र को बताया कि कैसे भारत ने आतंक के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया।

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