किसान, चाय श्रमिक और बस्तीवासियों के मुद्दे पर ट्रेड यूनियनों का बड़ा आंदोलन, 10 अगस्त को ‘जेल भरो’
*अजीत प्रसाद, सिलीगुड़ी* सिलीगुड़ी: किसान, चाय बागान श्रमिकों और रेलवे की जमीन पर बसे गरीब परिवारों के अधिकारों को लेकर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने 10 अगस्त को बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। ‘जेल भरो’ कानून उल्लंघन आंदोलन के जरिए मजदूर, किसान और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
आंदोलन की तैयारियों और रणनीति को लेकर हिल कार्ट रोड स्थित विवेकानंद सुपर मार्केट के सीटू (CITU) कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, फेडरेशनों, अखिल भारतीय किसान सभाओं, खेत मजदूर संगठनों और पश्चिम बंगाल बस्ती विकास समिति के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से आंदोलन की रूपरेखा पेश की।
नेताओं ने आरोप लगाया कि किसान विरोधी नीतियों, चाय बागान मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी और रेलवे की जमीन पर वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों को हटाने की कोशिशों के खिलाफ यह आंदोलन किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन कमेटी (AITUCC) दार्जिलिंग जिला समिति के संयोजक गौतम घोष ने कहा कि मजदूर और किसान अपने हक और रोजगार की लड़ाई में एक मंच पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ सिलीगुड़ी में भी सड़क पर उतरकर कानून उल्लंघन किया जाएगा और सामूहिक गिरफ्तारी देकर ‘जेल भरो’ आंदोलन को सफल बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक संगठन का नहीं, बल्कि मजदूरों, किसानों और वंचित तबकों के अधिकारों की संयुक्त लड़ाई है।
इस मौके पर तापस चटर्जी, अभिजीत मजूमदार, जय लोध, झरेन राय और लक्ष्मी महतो सहित वामपंथी संगठनों और ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने आम जनता, मजदूरों और किसानों से आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।




