बिहार कांग्रेस कि नीलामी जारी है- आनन्द माधव

* पैसा फेंकिये तमाशा देखिये-

 

पटना: बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं एआईसीसी सदस्य आनन्द माधव ने एक बयान जारी कर कहा कि आज के दिन बिहार कांग्रेस बिक्री के लिए तैयार बैठा है. अगर आपके पास पैसा है, और आपको राजनीति में आना है या बिहार कांग्रेस पर कब्ज़ा करना है, तो आप बिहार कांग्रेस से कोई भी पद खरीद सकते है. पैसे खर्च कर आप बिना झंझट के कांग्रेस में पदाधिकारी बनना चाहते हैं, तो यहां इसका मौका यहाँ उपलब्ध है। बस आपको एक निश्चित संख्या में सदस्य बनाने होंगे और उसके बदले में आप पार्टी में एक महत्वपूर्ण पद पा लेंगें. ये मानदंड कांग्रेस पार्टी के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने तय किया है। आनन्द माधव ने आरोप लगाया कि, वर्तमान बिहार प्रभारी बिहार कांग्रेस को बेचने ही आये हैं, और वर्तमान अध्यक्ष राजेश राम खुल कर इसका साथ दे रहें हैं. नए नियमों ने पार्टी कर्मियों के बीच काफी भ्रम पैदा कर दिया है और पार्टी के पुराने नेता असमंजस में हैं. किसी भी पार्टी का व्यक्ति या यहां तक कि कॉर्पोरेट का कोई भी सदस्य अगर कांग्रेस में शामिल होने का फैसला करता है, तो उसे सीधे बिहार कांग्रेस का उपाध्यक्ष या महासचिव जैसे अहम पद पर नियुक्त किया जा सकता है, बशर्ते कि वे निर्दिष्ट संख्या में सदस्य प्राप्त कर लें।
श्री माधव ने कहा कि यह प्रयोग पार्टी के लिए बहुत ही घातक होने जा रहा है। पहले भी देखा है कि यूथ कांग्रेस ने 2014 के लोकसभा चुनावों में हजारों सदस्यों के होने के बावजूद पार्टी के समर्थन में युवाओं को नहीं जुटा पाया। सिर्फ आपने पास संख्या होने से क्या फायदा जा हमारे पास कोई कैडर ही नहीं हो। पैसे से बने लोगों के पास ना पार्टी के प्रति ना कोई निष्ठा होगी और नहीं कोई प्रतिबद्धता क्योंकि वे कभी कांग्रेस की विचारधारा के साथ जुड़े ही नहीं थे।
राज्य स्तर की पदों के लिए लक्ष्य तय किए गए थे: उपाध्यक्ष पद के इच्छुकों को 3,000 सृजन साथियों को नामांकन करना है, महासचिव के उम्मीदवारों को 2,000 नामांकन करना था, सचिव को 1,000, और जिला स्तर के पदों के इच्छुकों को 200 सृजन साथियों को नामांकन करना है। प्रखंड अध्यक्ष बनने के लिए भी आपको 200 सदस्य बनाने हैं. अतीत में ऐसे अभियान कांग्रेस के लिए कभी उपयोगी साबित नहीं हुए हैं.
श्री माधव ने यह भी कहा कि पूरे देश में आप कांग्रेस के सदस्य मात्र 5/ रूपये देकर बन सकते है, लेकिन इस अभियान के अंतर्गत अप्पको 50 रूपये देने होंगें. इससे कहीं ना कहीं घोटाले की भी बू आती है.
समय रहते इन व्यापारियों और एजेंटो को बिहार से नहीं हटाया गया तो जो भी बचा है, वह कांग्रेस बिहार में समाप्त हो जायेगा. ऐसे भी सदाक़त आश्रम आज के दिन कांग्रेस विहीन हो चुका है.

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