शब्दोत्सव दिल्ली-2025 का सफल आयोजन हुआ, डा.माधुरी सुबोध के नाटक ‘तेनालीरामन’ का वाचन और लोकार्पण भी किया गया

 

*राजू बोहरा / वरिष्ठ संवाददाता*

नयी दिल्ली। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘आ‌द्यांतरा’ भारतीय एवं प्रवासी साहित्यकारों के बीच सेतु बन कर हिन्दी साहित्य के प्रति वैश्विक दृष्टि विकसित करती रही है। भारतीय ‘डायसपोरा’ के प्रवासी साहित्यकारों के व्यक्तित्व और साहित्य से अपने पाठकों और दर्शकों का परिचय भी कराती रही है। प्रवासी साहित्यकारों के साहित्य को हिन्दी साहित्य की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रयत्नशील रही है। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित आज की संगोष्ठी में अमेरिका से पधारी सुश्री सुषमा मल्होत्रा की उपस्थिति इसी श्रृंखला की अगली कड़ी है। इस एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी में इसके तीन धरातलीय रूप दिखाई दिए।

अन्तरराष्ट्रीय सन्दर्भ और साहित्य, हिन्दी नाटक का नया रूप और विकास तथा काव्य समागम। जिसमें भारतीय और प्रवासी कवि और साहित्य रसिक कविताओं, गीतों और ग़ज़लों की शानदार प्रस्तुति का आस्वादन किया। इस मौके पर आयोजन की सूत्रधार jजानीमानी नाटककार-रंगकर्मी एवं श्रीराम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर प्रतिष्ठित लेखिका डा. माधुरी सुबोध के नाटक ‘तेनालीरामन’ का वाचन और लोकार्पण हुआ तथा उस पर केंद्रित विचार मंथन विशेष उल्लेखनीय रहा। इस कार्य्रकम में सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मी शंकर बाजपेई, कवयित्री-लेखिका ममता किरण जैसी साहित्य की दुनियाव की कई बड़ी हस्तिया शामिल थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button