‘वोटर लिस्ट से नाम हटाना बंद करो’, नागरिकता और मताधिकार रक्षा मंच का कलेक्ट्रेट मार्च.
मालदा, पश्चिम बंगाल | :पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में विसंगतियों को लेकर विरोध की आग अब मालदा तक पहुँच गई है। मंगलवार को ‘नागरिकता एवं मताधिकार रक्षा मंच’ के बैनर तले आम नागरिकों ने मालदा शहर की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि किसी भी मतदाता को ‘विचाराधीन’ (Under Review) नहीं रखा जाना चाहिए और मसौदा सूची (Draft List) के आधार पर सभी को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।
यह विशाल विरोध रैली मालदा शहर के वृंदावनी मैदान से शुरू हुई। शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय पहुंचे। आंदोलन का नेतृत्व मंच के सदस्य माजीदुर रहमान ने किया। रैली में भारी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर ले रखे थे। माजीदुर रहमान ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा: मालदा के हजारों लोगों को उनके मताधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है। बिना किसी ठोस कारण या नोटिस के बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से ‘डिलीट’ कर दिए गए हैं। जिले के बहुत से नागरिकों को ‘विचाराधीन’ सूची में डाल दिया गया है, जिससे उनके मतदान करने पर संशय बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों की स्पष्ट मांग है कि जो नाम पहले से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मौजूद थे, उन सभी को बिना किसी शर्त के मतदान का अधिकार दिया जाए। रैली के समापन पर प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन (Deputation) सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी उग्र बनाया जाएगा।




