टाटा पावर-डीडीएल और एफएसआर ग्लोबल स्मार्ट ग्रिड नवाचार और नीति अनुसंधान में करेगा सहयोग
नई दिल्ली। टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड और एफएसआर ग्लोबल ने स्मार्ट ग्रिड नवाचार, नीति अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सहयोग भारत में टिकाऊ ऊर्जा समाधान और नियामक उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
समझौते का उद्देश्य बिजली क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने और उद्योग जगत के ज्ञान को समृद्ध करने के लिए शोध परियोजनाओं, तकनीकी पत्रों और ज्ञान-साझाकरण पहलों को प्रोत्साहित करना है। स्मार्ट ग्रिड विकास पर मुख्य रूप से केंद्रित यह सहयोग, स्मार्ट ग्रिड वेधशाला (एसजीओ) समुदाय के हिस्से के रूप में भारतीय बिजली क्षेत्र में नई परियोजनाओं को प्रदर्शित करने पर ध्यान देगा।
साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, टाटा पावर-डीडीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन एस काले ने कहा, “हमें एफएसआर ग्लोबल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, जो स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकियों और नीति अनुसंधान में नवाचार को बढ़ावा देगा। हरित ऊर्जा स्रोतों को तेजी से अपनाने के साथ, भारत ऊर्जा संक्रमण के महत्वपूर्ण चरण में है। यह आवश्यक है कि हम अपने अनुभव और सीखों को साझा करें, ताकि स्थायी भविष्य के लिए प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकें। यह सहयोग भारत के बिजली क्षेत्र की विश्वसनीयता, दक्षता और लचीलापन बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे हमारे समुदायों और अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।”
इस अवसर पर एफएसआर ग्लोबल की कार्यकारी निदेशक सुश्री स्वेता रवि कुमार ने कहा, “भारत में एक अंतर-संचालनीय स्मार्ट ग्रिड डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए विभिन्न हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता होगी, विशेष रूप से वितरण उपयोगिताओं की भूमिका अहम होगी। इस साझेदारी के माध्यम से हम स्मार्ट ग्रिड वेधशाला (एसजीओ) समुदाय के हिस्से के रूप में स्मार्ट ग्रिड उपयोग के कुछ मामलों को नया रूप देने और प्रदर्शित करने के लिए तत्पर हैं।”
उन्होंने बताया कि यह समझौता ज्ञापन न केवल तकनीकी विकास पर केंद्रित होगा, बल्कि भारत में उपयोगिताओं में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ अन्य वैश्विक दक्षिण देशों के साथ भारतीय अनुभव साझा करने पर भी ध्यान देगा।


