आयुर्वेद के जरिए विभिन्न रोगों का उपचार
रिपोर्ट : विनय चतुर्वेदी
सोनपुर ,आज के भागदौड़ भरे जीवन में लोग दवाओं पर निर्भर होते जा रहे हैं, जबकि आयुर्वेद शरीर और मन दोनों को संतुलित करने का काम करता है।
आध्यात्म और स्वास्थ्य के संगम स्थल नौलखा मंदिर, सोनपुर में मंदिर के पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी ने विधिवत शुरुआत की।
स्वामी जी के सानिध्य में प्राचार्य तिवारी ने बताया कि केंद्र पर
आयुर्वेद की प्राचीन पंचकर्म विधियों से गठिया, जोड़ों का दर्द, लीवर की बीमारियां, थायराइड, चर्म रोग, दमा, लकवा, मधुमेह, नपुंसकता और बांझपन जैसी बीमारियों का इलाज
किया जाएगा। नौलखा मंदिर का यह प्रयास लोगों को आयुर्वेद की शरण में लाकर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में मील
का पत्थर साबित होगा। मौके पर मंदिर प्रबंधक नंदकुमार राय, ज्योतिषाचार्य नंदकिशोर तिवारी, आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के प्राचार्य प्रोफेसर एस एन तिवारी , डॉ. अभिरंजन और डॉ. अरविन्द मिश्रा समेत दर्जनों श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गुरु पूर्णिमा के पारंपरिक पूजन के साथ आशीर्वचन भी दिए गए।
प्रबंधन ने बताया कि आने वाले समय में इस केंद्र को और भी सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी समुचित इलाज मिल सके।




