उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर किया तीखा हमला
उठाए निष्पक्षता पर सवाल
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी आज उत्तर बंगाल के अपने चुनावी दौरे के लिए रवाना हो गईं। कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और उन पर भाजपा के इशारे पर काम करने का गंभीर आरोप लगाया।मुख्यमंत्री के दौरे का कार्यक्रम:आज: कोलकाता से चालसा के लिए प्रस्थान। शाम तक चालसा पहुँचने का कार्यक्रम।कल: मयनागुड़ी से डबग्राम और फिर माटीगाड़ा होते हुए सिलीगुड़ी में रात्रि विश्राम।परसों: अंडाल के रास्ते पांडवेश्वर में चुनावी जनसभा।चुनाव आयोग पर लगाए गए मुख्य आरोप:१. पक्षपात का आरोप: ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर कहा, “यह चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है। आयोग के नोटिफिकेशन में भाजपा का सिंबल दिख रहा है। आखिर ये किसके इशारे पर चल रहे हैं?”२. अधिकारियों का तबादला: उन्होंने भवानीपुर में नंदीग्राम के बीडीओ (BDO) की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘गद्दारों’ के करीबी लोगों को लाया जा रहा है। अब ‘बिल्ली थैले से बाहर आ गई है’ (सच्चाई सामने आ गई है)।३. वोटर लिस्ट में देरी: सप्लीमेंट्री लिस्ट (SIR) जारी करने में देरी पर उन्होंने पूछा कि इसे आधी रात को क्यों निकाला जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि ६-७ दिनों की देरी किसी खास राजनीतिक दल के नाम शामिल करने की ‘पॉलिटिकल इंटेंशन’ हो सकती है।४. पारदर्शिता की कमी: उन्होंने कहा कि सूची में स्पष्टता न होने के कारण लोग भ्रमित हैं और इस तनाव के कारण आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं भी हो रही हैं।विपक्ष और जनता के लिए संदेश:मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग डरा हुआ है और लोगों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, “अभी यह सोचने का समय नहीं है कि कौन वामपंथी है और कौन दक्षिणपंथी। मेरे साथ खड़े होने की जरूरत नहीं है, बस आम लोगों के साथ खड़े हों।”ममता बनर्जी के इस आक्रामक रुख ने उत्तर बंगाल के चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।




