नई तकनीक और मानव संसाधन के विकास पर निरंतर काम करने की जरूरत: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत

 

_रमेश ठाकुर- पश्चिम चंपारण,बिहार_विद्युत भवन में आयोजित संवाद सत्र के दौरान बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने विद्युतकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और इसकी देश-विदेश में सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय चुनौतिपूर्ण है और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए नई तकनीक और मानव संसाधन के विकास पर लगातार काम करना आवश्यक है।

मुख्य सचिव ने कहा कि उपभोक्ता हमारे लिए सर्वोपरि हैं। बिजली आपूर्ति में सुधार से लोगों की जीवनशैली और कार्य पद्धति में बड़ा बदलाव आया है। उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को 125 यूनिट नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और स्मार्ट प्रीपेड मीटर इंस्टॉलेशन में भी बिहार अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन रहा है।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2012 को माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान से राज्य के बिजली सुधार का संकल्प लिया था। इसके बाद बिहार में बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई। वर्ष 2016 में हर घर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया और अक्टूबर 2018 तक यह लक्ष्य पूरा भी हुआ। उन्होंने कहा कि ऊर्जा प्रक्षेत्र में हुए इस बदलाव में माननीय ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज बिहार में लोग यह नहीं पूछते कि बिजली कितनी देर रहती है, बल्कि यह पूछते हैं कि कितनी देर कटती है। यह उपलब्धि सभी विद्युतकर्मियों के समर्पित प्रयास का परिणाम है।

मुख्य सचिव ने कहा कि एक ब्रांड के तौर पर बिहार की विश्वसनीयता बढ़ी है, जिसे और मजबूत करने की आवश्यकता है। उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत समाधान होना चाहिए, चाहे वे आधी रात को ही क्यों न कॉल करें। कंपनी का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उपभोक्ता के साथ गलत व्यवहार न करे, क्योंकि वह संगठन का प्रतिनिधि होता है।

संवाद सत्र के दौरान ऊर्जा सचिव व सीएमडी, बीएसपीएचसीएल, श्री मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में बिजली के क्षेत्र में हुए इस परिवर्तन में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत महोदय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने टीम भावना और कार्य संस्कृति को नई दिशा दी है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ उन्होंने कॉरपोरेट कल्चर को भी सुदृढ़ किया है।

इस अवसर पर एसबीपीडीसीएल और एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार एवं श्री राहुल कुमार भी मौजूद थे। संवाद सत्र में विद्युत भवन के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button