कोलकाता में ममता बनर्जी का विशाल धरना; मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप,
मंच पर 'मरे' हुए लोगों को जिंदा पेश करेंगी मुख्यमंत्री
* 22 लोगों को लाएंगी, जिन्हें आधिकारिक तौर पर ‘मृत’ घोषित दिखाया गया है मतदाता सूची से
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकाता के रेड रोड (एस्प्लेनेड) पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री का आरोप है कि ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के नाम पर राज्य के लाखों वैध मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।’जीवित’ लोगों की परेडआज शाम 4 बजे से शुरू होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री एक नजीर पेश करने जा रही हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वह मंच पर ऐसे 22 लोगों को सबके सामने लाएंगी, जिन्हें आधिकारिक तौर पर ‘मृत’ घोषित कर मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि वे असल में जीवित हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह लोकतंत्र के खिलाफ एक गहरी साजिश है। धरना मंच पर उन 8 परिवारों को भी आमंत्रित किया गया है, जिनके सदस्यों की मौत कथित तौर पर SIR प्रक्रिया और नागरिकता से जुड़ी मानसिक प्रताड़ना के कारण हुई है।
मुख्यमंत्री इन परिवारों के साथ खड़े होकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएंगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि करीब 63 लाख मतदाताओं के नाम हटाना बीजेपी को लाभ पहुँचाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बंगाल के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है, जिसे वे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में हजारों नाम हटाए जाने के बावजूद, वे भारी अंतर से जीत हासिल करेंगी।कोलकाता में चल रहे इस धरने में टीएमसी के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी समेत कैबिनेट के कई मंत्री और विधायक भी शामिल हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।




