राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मास्टरमाइंड का राज आलीशान घर, फार्महाउस और स्कॉर्पियो की जांच

-गुप्त कैमरों से खुलासा, बेनामी संपत्तियों की तलाश जारी

भारत पोस्ट संवाददाता
अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में गड़बड़ी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनुकल्प मिश्रा अब सिर्फ दान चोरी के आरोपों ही नहीं, बल्कि अपनी आलीशान संपत्तियों को लेकर भी जांच के घेरे में हैं। करीब 15 हजार रुपये मासिक सैलरी पाने वाले 22 वर्षीय अनुकल्प के नाम पर 65 लाख रुपये का मकान, पैतृक गांव में नया फार्महाउस, एक लाख रुपये से अधिक कीमत की मोटरसाइकिल और महिंद्रा स्कॉर्पियो की बुकिंग जैसी जानकारियों ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींच लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों के लिए धन कहां से आया।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड अनुकल्प मिश्रा है। वह बैंक की एक आउटसोर्सिंग एजेंसी का कर्मचारी था। जिसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान पेटियों से निकलने वाली नकदी की गिनती और प्रबंधन करने वाली टीम में तैनात किया गया था। एसआईटी जांच और ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर जून 2026 में अयोध्या पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा और उसके साले लवकुश मिश्रा समेत 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
अनुकल्प मिश्रा की आधिकारिक मासिक सैलरी महज 14,500 रुपये बताई जा रही है। लेकिन उसकी संपत्तियों ने जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया है। पुलिस उन सूचनाओं की भी पुष्टि कर रही है जिनके अनुसार अनुकल्प ने इसी वर्ष अप्रैल में अपने गांव में सात दिनों तक चलने वाले एक भव्य धार्मिक आयोजन किया था, जिसमें कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया है कि पिछले कुछ वर्षों में परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ था।
पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। अनुकल्प की संपत्तियों पर नजर रखी जा रही है और जांचकर्ताओं का एक दल उसकी बैंकिंग गतिविधियों का भी अध्ययन कर रहा है। यह सब कुछ तब हो रहा है जब राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि भक्तों के चढ़ावे का सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बतादें कि ट्रस्ट अधिकारियों को मई 2026 के आखिरी हफ्ते में दान राशि में बार.बार आ रही कमी के चलते शक हुआ था, जिसके बाद वहां गुप्त कैमरे लगाए गए। इस मामले में अब तक की छापेमारी में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों ;जैसे टिन्नू यादवद्ध के ठिकानों से लाखों रुपये कैश बरामद कर चुकी है। एसआईटी और स्थानीय पुलिस अब अनुकल्प मिश्रा की अन्य बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों को खंगाल रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button